Himachal Pradesh
13th Legislative Assembly ( Vidhan Sabha )
Details | eVidhan- Himachal Pradesh
Hon'ble Speaker
Rajeev Bindal
Dr. Rajeev Bindal
BHARATIYA JANATA PARTY
Nahan -[56]- SIRMOUR
Shimla Address :Annadale View, Chaura Maidan, Shimla-4.
Permanent Address :Bal Mukand Hospital, Solan, Distt. Solan.& Yashwant Vihar Shimla road Nahan,Distt Sirmour
Mobile Number :9816829999
Email :speaker-vs-hp@nic.in
PERSONAL INFORMATION
  • डा. राजीव बिंदल माननीय अध्यक्ष  हिमाचल प्रदेश विधान सभा का संक्षिप्त जीवन परिचय।

    उत्तर भारत के जाने माने वैद्य, समाज सेवी एवं आयुर्वेदाचार्य श्री बाल मुकन्द के घर सोलन में 12 जनवरी 1955 को डा. राजीव बिंदल का जन्म हुआ था। सन् 1945 में सोलन में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की शाखा आरम्भ करने वालों में स्वर्गीय वैद्याचार्य बालमुकंद भी एक थे। वैद्य जी 1919 से 1925 तक पूज्य गांधी जी द्वारा चलाए जा रहे, स्वाधीनता आंदोलन के सक्रिय कार्यकर्ता रहे। उनके जीवन में गांधी जी का प्रभाव ताजीवन रहा और हर प्रकार  का वैभव होने पर भी सादगी वैद्य जी की पहचान थी।

    श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी को अपना आदर्श मानने वाले डा. बिंदल का जीवन समाज सेवा, संघर्ष और सफलता की एक अनूठी मिसाल है। समाज सेवा को आधार बनाते हुए उन्होंने पग-पग पर समाज के निर्धन और वंचितों  की सेवा एवं उनको न्याय दिलाने के लिए कड़ा संघर्ष किया।

    छात्र जीवन से ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की विचारधारा से आगे बढ़ने वाले डा. बिंदल ने अपने शुरूआती जीवन में ही तय कर लिया था कि वह अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र और समाज सेवा में अर्पित करेंगे।

    डा. बिंदल ने सन् 1978 में जी.ए.एम.एस. (आयुर्वेदाचार्य) की डिग्री हासिल करने के बाद संघ की प्रेरणा से देश के सबसे निर्धन, सर्वाधिक पिछ़डे हुए वनवासी (आदिवासी) क्षेत्र में निष्काम सेवा करने का निर्णय लिया। संघ के प्रचारक के रूप में वनवासी कल्याण आश्रम के मार्गदर्शन में लगभग ढाई वर्ष तक झारखंड की ''हो'' नामक जनजाति के बीच पहुंचकर नि:शुल्क चिकित्सालय छात्रावास व अन्य सेवा प्रकल्प चला कर उन्हें समाज की मुख्य धारा में जोड़ने का सफल प्रयास किया।

    डा. बिंदल को प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी द्वारा देश में 1975 में लगाए गए आपात काल में जेल जाना प़डा। आपातकाल का विरोध करने के कारण हरियाणा की करनाल जेल में साढे़ चार माह तक कारावास काटा। सरकार द्वारा ताम्रपत्र से सम्मानित किया गया

    डा. बिंदल ने सन् 1983 में अपने पैतृक शहर सोलन में चिकित्सा कार्य शुरू करते हुए समाज सेवा का वचन लिया। यहां उन्होंने चिकित्सा के माध्यम से समाज के गरीब और वंचितों की सहायता की। इस दौरान उन्होंने समाज सेवा की भावना से सोलन के समीप हिमगिरी कल्याण आश्रम (वनवासी कल्याण आश्रम) के नाम से एक संस्था का गठन भी किया और निर्धन तथा अभावग्रस्त बालकों की सेवा करने वाली इस अद्वितीय संस्था के माध्यम से निरंतर 20 वर्षों तक समाज की सेवा में सतत् कार्यरत रहे।

    डा. राजीव बिंदल ने समाज सेवा भाव से पहली बार वर्ष 1995 में राजनैतिक जीवन में कदम रखा। उन्होंने सोलन नगर परिषद का चुनाव लड़ा और नगर परिषद अध्यक्ष का दायित्व बखूबी निभाया।  इस दौरान उन्होंने लोगों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं का समाधान किया। वे 1995 से 2000 तक सोलन नगर परिषद के अध्यक्ष रहे ।

    डा. बिंदल ने सन् 2000 में सोलन विधानसभा क्षेत्र से पहली बार भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा और शानदार जीत हासिल की। विधायक चुने जाने के बाद  डा. बिंदल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष पद पर रहे।

    वर्ष 2000 से 2003 तक सोलन विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए डा. बिंदल ने विकास और समाज सेवा की नई गाथा लिखी। इस दौरान उन्होंने किसानों के हित में सड़कें, स्वास्थ्य एवं शिक्षण संस्थानों, पेयजल योजनाओं का शुभारम्भ किया। सोलन शहर को गिरी नदी का जल उपलब्ध करवाना डा. बिंदल का सपना था जिसे उन्होंने बखूबी पूरा किया। शानदार सब्जी मंडी का निर्माण एवं बडे़ शिक्षण संस्थानों का निर्माण करना उनके जीवन की उपलब्धि है।

    डा. राजीव बिंदल वर्ष 2003 में सोलन विधानसभा क्षेत्र की जनता के आर्शीवाद से दूसरी बार विधायक चुने गए।

    सन् 2007 में डा. राजीव बिंदल को सोलन विधानसभा की जनता ने लगातार तीसरी बार विधानसभा सदस्य बनाया। प्रदेश में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री के पद पर आसीन हुए। उन्होंने इस अवधि में स्वास्थ्य सेवाओं, सड़कों और पेयजल योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया।

    डा. बिंदल की दूरदृष्टि के परिणामस्वरूप ही हिमाचल में 108 अटल स्वास्थ्य एंबुलेंस सेवा भी आरम्भ हुई। यह एंबुलेंस सेवा आज प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में लाईफ लाईन की तरह कार्य कर रही है।  स्वास्थ्य बीमा योजना, बेटी है अनमोल, एनिमिया मुक्त हिमाचल, व मैडिकल कॉलेजों का विकास यह उपलब्धि की गाथा है।

    डा. बिंदल ने सन् 2012 में सोलन विधान सभा क्षेत्र आरक्षित होने के फलस्वरूप सिरमौर जिला के लोगों के विशेष स्नेह और आमंत्रण के कारण नाहन विधान सभा क्षेत्र से विधान सभा चुनाव लड़ने का निर्णय लिया। इस चुनाव में नाहन क्षेत्र के लोगों के अभूतपूर्व सहयोग से शानदार जीत हासिल की। इस तरह डा. बिंदल लगातार चौथी बार विधान सभा में पहुंचे।

    सिरमौर जिला, कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में दशकों तक उपेक्षित रहा। वर्ष 2012 में नाहन क्षेत्र से भाजपा विधायक चुनने के बाद कांग्रेस सरकार और कांग्रेस नेताओं ने हर कदम पर डा. बिंदल के मार्ग में रोडे़ अटकाए। किन्तु डा. बिंदल ने हार नहीं मानी। उन्होंने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए दिन-रात एक कर दिया।

    डा. बिंदल ने नाहन क्षेत्र के लोगों की सड़कें, पुल, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई  आदि विकास से सम्बन्धित मांगों को कांग्रेस सरकार से पूरा करवाने के लिए लिए कड़ा संघर्ष किया। उन्होंने नाहन क्षेत्र की समस्या के प्रति जिला प्रशासन को सचेत करने के लिए नाहन के बड़ा चौक में 3 दिनों तक अनशन किया। उन्होंने क्षेत्र के लोगों के लिए कांग्रेस सरकार के नकारात्मक रवैये के खिलाफ बडे़ आंदोलन किए और पदयात्राऐं की।

    जिला और प्रदेश स्तर पर नाहन क्षेत्र की विकास योजनाओं और समस्याओं का मामला प्रमुखता से उठाया। यही नहीं उन्होंने विधानसभा सत्रों में पूरे सिरमौर की समस्याओं की तरफ सरकार और प्रदेश की जनता का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने क्षेत्र के लोगों के हित के लिए प्रशासन और सरकार को चैन से सोने नहीं दिया।

    डा. बिंदल ने नाहन से चुनाव जीतने के बाद यह सिद्ध किया कि एक जन प्रतिनिधि कैसा होना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र के लोगों के सुख और दुख की घ़डी में ख़डा होकर सिद्ध किया कि क्षेत्र की जनता केवल वोट बैंक नहीं है बल्कि यह एक बड़ा कुटुम्ब है जिसका मुखिया विधायक होता है।

    जनता के सहयोग और आर्शीवाद के परिणामस्वरूप डा. बिंदल 2017 में पुन: पांचवी बार विधान सभा के लिए चुने गए। नाहन क्षेत्र के लोगों ने उन्हें शानदार विजय दिलवाई।

    प्रदेश कांग्रेस सरकार के असहयोग के बावजूद डा. बिंदल नाहन क्षेत्र में विकास की नई ईबारत लिखने में सफल रहे हैं। डा. बिंदल ने नाहन शहर के पेयजल संकट को दूर करने में सफलता हासिल की। 11 पुलों का निर्माण शुरू करवाया, अनेक स़डकों, एवं भवनों परियोजनाओं का कार्य शुरू किया।

    डा. बिंदल ने नाहन विधान सभा क्षेत्र के लिए रोड़ मैप तैयार किये। उन्होंने क्षेत्र के लिए करीब 400 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के प्रारूप तैयार किए है जिनका कार्यान्वयन शीघ्र आरम्भ होगा।

    दूसरी तरफ माननीय श्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने नाहन को करीब 200 करोड़ रुपये का मेडिकल कॉलेज का तोहफा प्रदान किया। इसके अलावा नाहन क्षेत्र को माननीय श्री नरेन्द्र मोदी जी की सरकार ने आईआईएम जैसा राष्ट्रीय प्रतिष्ठित मैनेजमेंट संस्थान भी दिया है जहां देश भर के विद्यार्थी मैनेजमेंट की प़ढाई कर रहे हैं।

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की सरकार ने सिरमौर में स़डकों की दुर्दशा को देखते हुए जिला को करीब 9 नैशनल हाईवे प्रदान किए हैं जिसमें से चार नैशनल हाईवे नाहन विधान सभा क्षेत्र से होकर गुजरेंगे।

    डा. बिंदल के संगठनात्मक कौशल और अनुभव के कारण ही भाजपा ने उन्हें हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, जम्मू कश्मीर और गुजरात चुनाव की कई बार महत्वपूर्ण बागडौर सौंपी, जहां उन्होंने पार्टी के लिए शानदार रूप से कार्य किया।

    पार्टी में प्रदेश कोषाध्यक्ष, प्रदेश उपाध्यक्ष, प्रदेश प्रवक्ता, प्रदेश के प्रमुख प्रवक्ता एवं प्रदेश महामंत्री का दायित्व उन्होंने बेहतरीन तरीके से  निपटाया।

    अपने कुशल व्यवहार और संगठनात्मक कौशल का परिचय देते हुए डा. बिंदल ने चुनाव प्रभारी के रूप में हाल ही में शिमला नगर निगम के चुनाव में पार्टी को शानदार जीत दिलवाने में अहम भूमिका निभाई और शिमला नगर निगम में भाजपा का परचम पहली बार लहराया।

    डा. बिंदल सरकार और पार्टी स्तर पर विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर आगे ब़ढते हुए आज विधान सभा अध्यक्ष जैसे अति महत्वपूर्ण पद पर आसीन हुए हैं।

    कहते हैं कि हर सफल पुरूष के पीछे नारी का हाथ होता है। इसी कहावत को चरितार्थ करते हुए डा. बिंदल की पत्नी श्रीमती मधु बिंदल ने अपने परिवार को बाखूबी संभाला।  श्रीमती मधु बिंदल स्वयं 1980 की एम.एससी. बोटनी गोल्ड मेडलिस्ट (Msc. Botany Gold Medalist) हैं। उन्होंने अपने बच्चों को बेहतरीन शिक्षा दे कर समाज में सम्मान के साथ ख़डा किया है, परिणामस्वरूप पुत्र डा. विवेक बिंदल विख्यात रौबोटिक सर्जन (ROBOTIC, BARIATRIC SURGEON) हैं। बहू डा. उषा बिंदल मैडिकल कॉलेज में असिस्टेट प्रोफेसर (Assistant Professor) हैं। बेटी व दामाद दोनों रैडियोलोजी विषय के विषेशज्ञ डाक्टर हैं व अपना अस्पताल चलाते हैं।

    विगत चार बार विधान सभा सदस्य रहते हुए विधान सभा में सदैव सक्रिय भूमिका निभाई।