Himachal Pradesh
13th Legislative Assembly ( Vidhan Sabha )

Bulletin Part II - No. 90 (प्रश्नों के नोटिस)

1.  प्रश्नों के नोटिस सचिव को सम्बोधित किए जाएं और उनमें निम्नलिखित बताया जाए :-

 

            (अ)     उस मन्त्री का पद जिसे प्रश्न सम्बोधित है; और

            (आ)    वह दिनांक जिस को प्रश्न पूछना वांछित है।

 

            प्रश्न का नोटिस पूरे 15 दिन से कम अवधि का नहीं दिया जाए। इस अवधि की गणना करने के लिए वह दोनों दिनांक सम्मिलित नहीं हैं जिस दिनांक को नोटिस प्राप्त होता है और जिस दिनांक को उत्तर वांछित है।

 

            2.     जो सदस्य अपने प्रश्न का मौखिक उत्तर चाहता हो वह सदस्य प्रश्न आरम्भ करने के स्थान से पूर्व एक rkjs&&¼¹½&&dk निशान लगाएगा। यदि उसने 'तारे' का निशान न लगाया हो तो प्रश्न उस सूची में छापा जाएगा जिसमें प्रश्नों के लिखित उत्तर दिए जाने हों। सदस्यों को चाहिए कि वे केवल उन प्रश्नों पर 'तारे' का निशान लगाएं जिनके बारे में अनुपूरक प्रश्न पूछे जाने की सम्भावना हो। उन प्रश्नों पर 'तारे' का निशान नहीं लगाना चाहिए जिनमें केवलमात्र आंक़डे पूछे गए हों या सदन के पटल पर विवरण पत्र रखने की प्रार्थना की गई हो।

 

            3.     एक सदस्य एक दिन में 2 तारांकित  और 3 अतारांकित प्रश्नों से अधिक प्रश्न नहीं पूछेगा जिसमें उसके कोष्ठक हुए प्रश्न भी सम्मिलित होंगे।

 

            4.     प्रश्नों के नोटिस छपे हुए फार्म में दिए जाएं और केवल उसी भाग में लिखे जाएं जो कि इसके लिए निर्धारित है। यह फार्म विधान सभा सचिवालय के नोटिस कार्यालय से मिल सकते हैं। यदि प्रश्नों में व्यक्ति या स्थान विशेष के नाम का प्रयोग हो तो उसे मोटे अक्षरों में लिखें।

 

            5.     सदस्यों से प्रार्थना है कि वे अपने प्रश्नों के नोटिस प़ढने योग्य साफ-साफ अक्षरों में लिखें। यदि प्रश्नों में कोई व्यक्तिवाचक नाम दिए हों तो वे मोटे अक्षरों में साफ-साफ लिखे जाएं।

 

            6.     प्रत्येक प्रश्न के नोटिस पर सदस्य के हस्ताक्षर होंगे। हस्ताक्षर के नीचे सदस्य साफ-साफ अक्षरों में अपना नाम लिखेगा। प्रत्येक प्रश्न का नोटिस पृथक फार्म पर लिखा जाना चाहिए।

 

            7.     सार्वजनिक महत्व के विषय से सम्बन्धित प्रश्न 15 दिन की अवधि से कम अवधि में सूचना देकर पूछा जा सकेगा यदि वह अत्यावश्यक प्रकार का हो। अल्प-सूचना द्वारा प्रश्न पूछने के कारण नोटिस में दिए जाने चाहिए।

 

            8.     सदस्य प्रत्येक दिन के लिए अपने तारांकित प्रश्नों में यह बतलायें कि वे अपने प्रश्नों का उत्तर पूछने के लिए प्रश्नों को किस क्रम में रखना चाहते हैं। यदि ऐसा कोई क्रम न बताया गया हो तो प्रथम दो स्वीकृत प्रश्न उस दिन के लिए प्रश्नों की मौखिक उत्तर वाली सूची में सम्मिलित किये जायेंगे।

 

            9.     अध्यक्ष का निर्देश है कि प्रत्येक दिन के मौखिक उत्तर की प्रश्न-सूची में सदस्यों के नाम दो अथवा कम बारी में प्रश्नों के अनुसार छापे जायेंगे। पहले, प्रश्न सूची में रखे गए पहली बारी के प्रश्न लिए जाएंगे और फिर, दूसरी बारी में रखे गए प्रश्न लिए जाएंगे।

            10.       यदि कोई प्रश्न मन्त्री को ऐसे विषयों के बारे में गलत रूप से सम्बोधित किया गया हो जिसके लिए वह मन्त्री उत्तरदायी नहीं है तो वह प्रश्न प्रेषित विभाग द्वारा सम्बन्धित विभाग को उनकी रजामन्दी लेकर भेज दिया जाएगा।

 

यशपाल शर्मा,

सचिव,

हिमाचल प्रदेश विधान सभा।

22/11/2018

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